Jindagi ki Rah

ज़िंदगी की राह में, आसान नहीं कोई सफर,
आराम और सुख की, ढूंढे हम हर शहर।


मन में शांति की खोज, दिल में एक ख्वाब,
मगर हर कदम पर, चुनौती हो जैसे रेत का आलंब।

आशाएं बसी हैं, दिल में एक उम्मीद,
सुकून की तलाश में, हम जो भी करते हैं, वो कभी नहीं मिलती।

राहों में कांटे, और ठोकरें कभी कभी,
हर संघर्ष में कुछ सिख, जो सुकून मिले ज़िन्दगी की किताब में।

ख्वाहिशें बढ़ती हैं, जैसे लहरों की तरह,
लेकिन चुनौतियाँ भी होती हैं, जैसे आंधी का असर।


आदत बनानी है, हर मुश्किल से निपटने की,
आराम और सकून पाना, एक मील का पत्थर है हमें रौशन करने की।

जीवन में बदलाव होता है, कभी तूफान, कभी धूप,
लेकिन यही है कहानी, सुख-संवेदनाओं की, जैसे हसीन रूप।

सुकून तभी मिलेगा जब चुनौतियाँ जीतेंगे,
आगे बढ़ते जाएंगे, कभी न रुकेंगे।